टाइप 2 मधुमेह: COVID-19 के समय में अतिरिक्त ध्यान देने की जरुरत

टाइप 2 मधुमेह मेलेटस क्या है?

टाइप 2 मधुमेह / मैच्योर ओन्सेट मधुमेह / गैर-इंसुलिन निर्भर मधुमेह: यह एक जीवन शैली से जुड़ी बीमारी है। आमतौर पर 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रभावित करता है और यह मधुमेह का सबसे आम (85-90%)रूप है। इसका शारीरिक निष्क्रियता और अधिक वजन के साथ मजबूत संबंध है। इस मधुमेह में शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लेती हैं और अग्न्याशय भी शरीर के लिए आवश्यक इंसुलिन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाता है। आमतौर पर यह परिवारिक पीढ़ीयों में पाया जाता है।



टाइप 2 मधुमेह के लक्षण क्या हैं?

टाइप 2 मधुमेह के बारे में तथ्य यह है कि इसमें अक्सर कोई लक्षण नहीं होते हैं और कई लोग इस बात से अनजान होते हैं कि उन्हें कोई गंभीर बीमारी भी है। जिन लोगों को यह बीमारी है उनमें से लगभग 50% का अभी तक निदान (डायग्नोसिस) नहीं हुआ है। इसके सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं

  • अत्यधिक पेशाब होना

  • पेशाब की आवृत्ति में वृद्धि होना

  • अत्यधिक प्यास लगना

  • अत्यधिक भूख लगना

  • थकान और ऊर्जा की कमी

  • विशेष रूप से त्वचा में संक्रमण होने की प्रवृत्ति

  • घाव का धीरे-धीरे ठीक होना

  • मन बदलना

  • खुजली, विशेष रूप से जननांगों की।

कुछ लोगों में मामूली लक्षण होते हैं जिन्हें वे यह सोचकर अनदेखा कर देते हैं कि यह अन्य वजहो के कारण है जैसे कि उम्र का अधिक होना।

टाइप 2 मधुमेह कितना आम है?

यह एक बहुत ही आम बीमारी है जो दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। 25 में से 1 व्यक्ति को मधुमेह हो जाता है। यह वृद्धावस्था में बढ़ जाता है क्योंकि अन्य अंगों की तरह अग्न्याशय भी कमजोर हो जाता है।

टाइप 2 डायबिटीज का खतरा किसे है?

  • 55 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोग

  • 35 साल और उससे अधिक आयु के लोग जो भारतीय उपमहाद्वीप, चीनी या एफ्रो-कैरेबियन मूल के है और जो प्रशांत द्वीप समूह, आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर्स हैं।

  • 45 वर्ष से अधिक आयु के लोग, जो मोटे या अधिक वजन वाले हैं, टाइप 2 मधुमेह के साथ पहले डिग्री के रिश्तेदार हैं या उनका रक्तचाप उच्च है।

  • जिन महिलाओं को गर्भावधि मधुमेह है

  • पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम के साथ अधिक वजन वाली महिलाएं

  • हृदय रोग वाले लोग जैसे कि कोरोनरी हर्ट रोग और स्ट्रोक

  • दीर्घकालिक कोर्टिसोन पर आश्रित लोग


जीवनशैली जोखिम के कारक क्या-क्या हैं?

  • गतिहीन जीवन शैली / कम शारीरिक गतिविधि

  • अधिक वजन और मोटापा, विशेषकर कमर का

  • उच्च रक्तचाप

  • उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल

  • धूम्रपान करना

  • अस्वास्थ्यकर खाने की आदतें (जैसे परिष्कृत चीनी, उच्च वसा, फास्ट फूड)

  • जो लोग जोखिम पर हैं उन्हे अपने डॉक्टर द्वारा रक्त शर्करा का समय-समय पर परीक्षण करवाना चाहिए।

  • डॉक्टरों द्वारा कई परीक्षणों का उपयोग किया जाता है, जिसमें एक उपवास रक्त ग्लूकोज परीक्षण और एक विशेष परीक्षण जिसे ग्लूकोज सहिष्णुता परीक्षण(ग्लूकोज टालेरेंस टेस्ट) कहा जाता है, जो ग्लूकोज के एक परीक्षण पेय के बाद रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि को मापता है।

टाइप 2 मधुमेह का इलाज कैसे किया जाता है?

मुख्य रूप से एक उचित संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधि के आधार पर एक अनुशासित जीवन शैली के माध्यम से। जीवनशैली के NEAT नियम का पालन करना सबसे अच्छा है:

  • पोषण/Nutrition: वसा और कार्बोहाइड्रेट से नियंत्रण वाला आहार लें। आदर्श वजन और एक सामान्य रक्त शर्करा के लिए ध्यान रखें।

  • व्यायाम/Exercise: प्रति सप्ताह (5 या अधिक दिन ) कम से कम 30 मिनट  रोज टहलना। एरोबिक्स, तैराकी, टेनिस, अन्य खेलों पर भी विचार किया जा सकता है।

  • परहेज/Avoidance: (या मध्यम सेवन) CATS ’नामक विषाक्त पदार्थों अर्थात् कैफीन, शराब, तंबाकू, चीनी, मिठाई, नमक, सामाजिक ड्रग्स से परहेज करे।

  • शन्ति/Tranquility: इसमें आराम, मनोरंजन, तनाव प्रबंधन और योग जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

  • दवा: यदि रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए आहार और व्यायाम अपर्याप्त हैं, तो डॉक्टर के परमर्श से दवाओं का उपयोग किया जाना चाहिए।

  • कभी-कभी यदि दवाओ (OHAs -ओरल हाइपोग्लाइसेमिक एजेंटों) द्वारा नियंत्रण नहीं होने पर इंसुलिन देने की आवश्यकता हो सकती है।

  • हमारा उद्देश्य रक्त शर्करा को सामान्य सीमा के भीतर  बनाए रखना है जो भोजन से पहले 6.1 से 8.1 mmol / L  और भोजन के बाद 6.0 से 10.0 mmol / L है। इससे जटिलताओं को रोकने में मदद मिलेगी।

  • वजन, कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को भी अनुशंसित सीमा के भीतर रखना जरुरी है और जटिलताओं पर नजर भी रखें जो आंखों, गुर्दे, पैरों, नसों और हृदय में विकसित हो सकती हैं।

COVID-19 अवधि के दौरान टाइप 2 मधुमेह की देखभाल के लिए अतिरिक्त बिंदु क्या है?

जब ग्लाइसेमिक नियंत्रण अच्छा नहीं होता है, तो कम प्रतिरक्षा के कारण मधुमेह वाले लोगों में COVID ​​-19 संक्रमण की वजह से जोखिम बढ़ने का खतरा हो सकता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि

  • एक अच्छा ग्लाइसेमिक नियंत्रण प्राप्त करे और इसे बनाए रखें

  • FBS: 120 mg% से कम

  • PPBS: 180 mg% से कम

  • यदि रक्त शर्करा नियंत्रण में हो, तो दवा OHA / इंसुलिन का खुराक पहले जैसा जारी रखना चाहिए

  • यदि अनियंत्रित है तो OHA की खुराक/ दवा को बढ़ा दिया जाना चाहिए या इंसुलिन पे स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए।

  • इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार योजना होनी चाहिए

  •  घर पर योग और व्यायाम का अभ्यास करें

  • धूम्रपान और शराब का सेवन बंद करें

  • पर्याप्त नींद लें

  • उच्च रक्तचाप, सीएडी, डिस्लिपिडेमिया जैसी सह-रुग्णताओं का ख्याल रखें और बिना रुकावट के दवाओं का नियमित सेवन जारी रखें

  • अगर ग्लुकोज नियंत्रण में नहीं है तो अपने डॉक्टर से बात करे

  • गर्म मौसम में निर्जलीकरण से सतर्क रहें और पर्याप्त गैर-कार्बोनेटेड, गैर-मादक तरल पदार्थ लें

  • बुखार, खांसी, नाक बहना, गले में दर्द, सांस फूलना, पेट में दर्द, दस्त, उल्टी जैसे कोई लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल जाए। कोविड स्क्रीनिंग ओपीडी मे इसकी सूचना दें और अपनी जांच करवाये।

  • हाइपोग्लाइसीमिया के मामले में अप्रत्याशित आवश्यकता के लिए दवाओं के पर्याप्त स्टोक्स (OHA / इंसुलिन, सह-रुग्णता के लिए दवाएं), सीरिंज, ग्लूकोज मॉनिटरिंग स्ट्रिप्स और ग्लूकोज पाउडर रखें।

  • मधुमेह वाले सभी व्यक्तियों को हमेशा सार्वभौमिक सावधानी बरतनी चाहिए जैसे कि हमेशा मास्क पहनना, सामाजिक दूरी, बार-बार हाथ धोना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना।

संदर्भ:
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  14. https://www.aafp.org/afp/1999/0501/p2507.html photo credit
  15. https://www.financialexpress.com/lifestyle/health/coronavirus photo credit
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